
उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले के सितारगंज क्षेत्र में आधार केंद्र के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। गोपनीय सूचना मिलने पर प्रशासन ने छापेमारी की, जिसमें यह मामला सही निकला। आधार केंद्र को अग्रिम आदेश तक सील कर दिया गया है और आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। गांव बरुआबाग, झाड़ी निवासी गुरप्रीत सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि मंडी परिसर स्थित आधार केंद्र पर निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली की जा रही है और फिंगरप्रिंट की मोहर से अवैध रूप से आधार अपडेट किए जा रहे हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार हिमांशु जोशी ने राजस्व टीम के साथ मंगलवार को आधार केंद्र पर छापेमारी की।
शुल्क सूची नहीं, नियमों का उल्लंघन
छापेमारी के दौरान पता चला कि गांव बिडौरा, मझोला निवासी विक्रम सिंह आधार केंद्र का अधिकृत संचालनकर्ता है, लेकिन उसकी शह पर उसकी फिंगरप्रिंट की फर्जी मोहर बनाकर मोहम्मद फैजान आधार केंद्र का संचालन कर रहा था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आधार कार्ड में संशोधन और अपग्रेडेशन के नाम पर लोगों से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूली जा रही थी। केंद्र पर किसी भी प्रकार की शुल्क सूची चस्पा नहीं की गई थी, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। छापेमारी टीम ने मौके से दो लैपटॉप, फिंगरप्रिंट की फर्जी मोहर सहित अन्य उपकरण जब्त कर लिए और आधार केंद्र को अग्रिम आदेश तक सील कर दिया। फिंगरप्रिंट की फर्जी मोहर बनाकर जालसाजी करने के आरोप में पुलिस को तहरीर सौंप दी गई है। प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए सभी संदिग्ध केंद्रों की जांच शुरू कर दी है और भविष्य में ऐसी गड़बड़ी रोकने के लिए अतिरिक्त निगरानी व्यवस्था लागू करने की तैयारी है।




