
राजस्थान के जोधपुर ग्रामीण के खेड़ापा थाना क्षेत्र से समाज को झकझोर देने वाला एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जहाँ सामूहिक दुष्कर्म, अश्लील वीडियो और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर दो सगी बहनों ने दो महीने के भीतर आत्महत्या कर ली। इस संवेदनशील मामले में पुलिस प्रशासन की बेहद गंभीर लापरवाही भी उजागर हुई है, जिसके बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। आरोपियों द्वारा लगातार दी जा रही जान से मारने और वीडियो वायरल करने की धमकियों से परेशान होकर पहले बड़ी बहन ने मौत को गले लगा लिया था।
इसके बाद भी पुलिस ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया, जिससे बेखौफ होकर दरिंदों ने शिकायत करने वाली छोटी बहन को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया और आखिरकार सिस्टम से निराश होकर उसने भी गत शुक्रवार को जहर खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस झकझोर देने वाली घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया है और संबंधित पुलिस चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर करते हुए दो मुख्य आरोपियों को हिरासत में लिया गया है।
इस पूरे मामले की जड़ें करीब चार साल पुरानी हैं, जब एक ई-मित्र संचालक महिपाल ने बड़ी बहन को अपने प्रेमजाल में फंसाकर चोरी-छिपे कुछ आपत्तिजनक वीडियो बना लिए थे। इसके बाद आरोपियों ने उन वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर दोनों बहनों के साथ लंबे समय तक सामूहिक दुष्कर्म और मानसिक उत्पीड़न का यह खौफनाक खेल जारी रखा। इसी प्रताड़ना से तंग आकर जब बड़ी बहन ने खुदकुशी की, तो न्याय की उम्मीद में छोटी बहन ने आगे आकर 11 अप्रैल को पुलिस में शिवराज, गोपाल, विजराम, दिनेश, मनोज और पुखराज के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पीड़िता द्वारा नामजद शिकायत दर्ज कराए जाने के बावजूद खेड़ापा थाना पुलिस पूरी तरह से मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस के इस ढुलमुल रवैए के कारण आरोपियों के हौसले और बुलंद हो गए और वे शिकायत वापस लेने के लिए छोटी बहन का लगातार शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न करने लगे।




