
उत्तराखंड में मौसम का लगभग दो दशक पुराना पैटर्न एक बार फिर लौट आया है, जिससे मई की शुरुआत में ही लोगों को तपती गर्मी से बड़ी राहत मिली है। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बाद अचानक मौसम बदला और प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश का दौर शुरू हो गया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से आने वाले कुछ दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में बादल छाए रहने, गर्जना के साथ बौछारें पड़ने और तेज हवाएं चलने की प्रबल संभावना है।
मौसम विभाग की चेतावनी और आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 11 मई से मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है, जिससे प्रदेश के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। विशेष रूप से उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और अल्मोड़ा जैसे पर्वतीय जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा होने का अनुमान जताया गया है। हालांकि, मैदानी क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक मौसम शुष्क रह सकता है और धूप खिलने से तापमान में मामूली वृद्धि देखी जा सकती है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में बादल और बौछारों का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।
प्रमुख शहरों का तापमान और वर्तमान स्थिति
वर्तमान मौसमी बदलावों के कारण राज्य के प्रमुख शहरों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वातावरण में ठंडक बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार, देहरादून का अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 18.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि मुक्तेश्वर जैसे पहाड़ी इलाकों में पारा गिरकर न्यूनतम 7.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उससे सटे उत्तराखंड के इलाकों के ऊपर बना चक्रवाती तंत्र अभी भी सक्रिय है, जो आने वाले समय में भी मौसम को अस्थिर बनाए रखेगा।




