
केंद्र सरकार ने किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए आगामी विपणन सत्र 2026-27 के लिए धान सहित कुल 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि करने की घोषणा की है। इस निर्णय के तहत सरकार ने विभिन्न फसलों के दामों में 10 रुपये से लेकर 622 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़ोत्तरी की है, जिससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद है। सरकार का यह कदम विशेष रूप से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने और किसानों की आय में सुधार करने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
प्रमुख फसलों के समर्थन मूल्य में बदलाव
खरीफ की मुख्य फसल धान के समर्थन मूल्य में 72 रुपये की वृद्धि की गई है, जिससे अब धान-सामान्य का नया भाव 2,441 रुपये और धान-ग्रेड ए का भाव 2,461 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। इसके अलावा दलहन और तिलहन फसलों में भी बड़ी बढ़ोत्तरी देखने को मिली है, जिसमें अरहर के मूल्य में 450 रुपये और उड़द में 400 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा किया गया है। कपास की दोनों श्रेणियों के दाम भी 557 रुपये बढ़ाए गए हैं, जो किसानों के लिए काफी लाभकारी सिद्ध होंगे।
न्यूनतम और अधिकतम वृद्धि का विवरण
विपणन सत्र 2026-27 के लिए की गई इस मूल्य वृद्धि में सबसे अधिक लाभ सूरजमुखी के बीज उगाने वाले किसानों को मिला है, जिनके MSP में सर्वाधिक 622 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की गई है। वहीं, मक्का के समर्थन मूल्य में सबसे कम 10 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि दर्ज की गई है। अन्य महत्वपूर्ण फसलों जैसे मूंगफली में 254 रुपये, तिल में 500 रुपये और नाइजरसीड में 515 रुपये की बढ़ोत्तरी करके सरकार ने विविध प्रकार की खेती को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया है।




