राष्ट्रीय खेलों के लिए उत्तराखंड में तुरंत शुरू होंगे स्पेशल ट्रेनिंग कैंप, CM धामी का सख्त आदेश

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सचिवालय में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की. इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले राज्य के खिलाड़ियों को ‘आउट ऑफ टर्न’ सरकारी सेवा में समायोजित करने की प्रक्रिया को एक तय समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए. इस फैसले का सीधा असर राज्य के उन प्रतिभावान खिलाड़ियों पर पड़ेगा जो लंबे समय से सरकारी नियुक्तियों का इंतजार कर रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि आउट ऑफ टर्न नीति के तहत नौकरी पाने वाले अधिकांश खिलाड़ियों को खेल विभाग में ही नियुक्ति दी जाए, ताकि उनके खेल कौशल का लाभ राज्य के अन्य उभरते खिलाड़ियों को मिल सके। उन्होंने विभाग को इसके लिए एक विशेष और प्रभावी कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए. इसके साथ ही सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार की राष्ट्रीय खेल नीति 2025 के प्रारूप के अनुरूप ही उत्तराखंड राज्य में भी नई खेल नीति को धरातल पर उतारा जाए.
खेल अवस्थापनाओं को लेकर बड़ा अपडेट देते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय-गोलापार, हल्द्वानी में आगामी महीने से ही नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ करने के निर्देश जारी किए. उन्होंने कहा कि गोलापार स्टेडियम में छात्रों की प्रवेश प्रक्रिया और कोच, कर्मचारियों व अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया को बहुत तेजी से आगे बढ़ाया जाए. राज्य में खेलों के जमीनी विकास के लिए लागू ‘एक ब्लॉक एक मिनी स्टेडियम’ योजना के तहत बन रहे मिनी स्टेडियमों के निर्माण कार्य में भी तेजी लाने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक में ‘लेगेसी प्लान’ पर भी तेज गति से कार्य करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज देहरादून, हल्द्वानी गोलापार स्टेडियम, रुद्रपुर वेलोड्रोम, टिहरी झील, हरिद्वार और पिथौरागढ़ स्थित विभिन्न स्टेडियमों में जो भी विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की गई हैं, उन्हें खिलाड़ियों के लिए और अधिक उपयोगी बनाया जाए. उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि 38वें राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता के दौरान राज्य में तैयार किए गए बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के रख-रखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए और इसके लिए एक ठोस कार्य योजना बने।
आगामी खेल प्रतियोगिताओं की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 में होने वाले 39वें राष्ट्रीय खेलों के संबंध में खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देने के लिए विभिन्न विधाओं में विशेष प्रशिक्षण शिविर का संचालन तुरंत शुरू किया जाए. विभिन्न खेल संघों के साथ मिलकर खिलाड़ियों के चयन और उनके चिन्हीकरण की प्रक्रिया को भी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाया जाए. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प आगामी राष्ट्रीय खेलों में और बेहतर प्रदर्शन कर देवभूमि को देश के नक्शे पर ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करना है।
प्रतिभाओं को निखारने के लिए मुख्यमंत्री ने ‘एक जिला एक स्पोर्ट्स’ (ODOS) नीति पर विशेष ध्यान केंद्रित करने को कहा. इसके तहत राज्य के सभी जनपदों में निर्धारित खेलों के लिए विशेष कोचिंग, प्रतिभा पहचान और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल विकसित किया जाएगा। सीएम ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिला खेल छात्रावास को उस जनपद के निर्धारित खेल के लिए ‘ODOS खेल नर्सरी’ के रूप में अपग्रेड और विकसित किया जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर ही खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को राज्य की खेल उपलब्धियों का पूरा लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया। बताते चलें कि राज्य में अब तक कुल 29 मेडल धारक उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में समायोजित किया जा चुका है।
जबकि ‘एक ब्लॉक एक मिनी स्टेडियम’ योजना के तहत प्रदेश में अब तक कुल 48 मिनी स्टेडियमों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 10 मिनी स्टेडियमों का निर्माण कार्य वर्तमान में गतिमान है और अन्य के लिए भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई चल रही है। भारत के पहले महिला आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस कॉलेज के सुचारू संचालन के लिए कुल 16 पद सृजित किए जा चुके हैं और छात्राओं की प्रवेश प्रक्रिया भी गतिमान है।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि उत्तराखण्ड के पहले और भारत के दसवें राज्य खेल विश्वविद्यालय में बड़े पैमाने पर अत्याधुनिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इस परिसर में विश्वविद्यालय सभागार, केंद्रीय पुस्तकालय, स्वास्थ्य केंद्र, कैफेटेरिया, अनुसंधान केंद्र, शूटिंग रेंज, सेमिनार हॉल, बैडमिंटन हॉल, फुटबॉल मैदान, हॉकी मैदान और 8 लेन एथलीट ट्रैक सहित कुल 39 महत्वपूर्ण अवसंरचना घटकों का विकास कार्य तेजी से किया जा रहा है।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में राज्य की खेल मंत्री रेखा आर्या, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, निदेशक दीप्ति सिंह, संयुक्त निदेशक शक्ति सिंह, उप निदेशक नीरज गुप्ता, सहायक निदेशक राजेश ममगाई सहित खेल विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।




