
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को देहरादून के भाऊवाला में आयोजित ‘तीज उत्सव एवं महिला संवाद’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया और स्थानीय मातृशक्ति से सीधे संवाद कर उनके सुझाव सुने। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘सशक्त नारी–समृद्ध उत्तराखंड’ का संकल्प ही राज्य के विकास का मूल आधार है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की नीतियां तभी धरातल पर सफल होती हैं जब उनमें आम जनता की आवाज शामिल हो। उत्तराखंड राज्य निर्माण के संघर्ष से लेकर आज की विकास यात्रा तक महिलाओं का योगदान अतुलनीय रहा है। सरकार का मुख्य लक्ष्य महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभ पहुंचाना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश में महिला सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े साझा करते हुए बताया कि राज्य की सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत और सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है, जिससे अब तक 2.65 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर आत्मनिर्भर हो चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि महिला समूहों के उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड विकसित किया गया है, वहीं ‘ड्रोन दीदी’, ‘सोलर सखी’ और ‘महिला सारथी’ जैसी आधुनिक योजनाओं से उन्हें नई आर्थिक दिशा मिल रही है।
अपने संबोधन में उन्होंने उज्ज्वला, मातृ वंदना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मुद्रा योजना, ईजा-बोई शगुन, महालक्ष्मी किट और नंदा गौरा जैसी केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी पहलों का उल्लेख करते हुए हर वर्ग की महिला की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा की प्रतिबद्धता दोहराई।
इस भव्य संवाद कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, सामाजिक कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।




