
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून सहित पूरे प्रदेश में मई के महीने की शुरुआत से ही मौसम ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं, जिससे अब मैदान से लेकर पहाड़ों तक चढ़ते पारे ने आम जनता की परेशानी को काफी बढ़ा दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, रविवार को देहरादून में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री की बढ़ोतरी के साथ 37.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिसके आने वाले दिनों में और अधिक बढ़ने की पूरी संभावना जताई गई है।
मैदानी इलाकों के साथ-साथ अब राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में भी गर्मी का असर साफ तौर पर नजर आने लगा है; जहाँ पहले पहाड़ों में गर्मियों के दिनों में भी मौसम बेहद सुहावना बना रहता था, वहीं अब वहाँ भी दिन के समय तेज और चुभती हुई धूप लोगों को बेहाल कर रही है। उदाहरण के लिए, पर्वतीय क्षेत्र मुक्तेश्वर में भी दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक रहते हुए 27.7 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा चुका है। मौसम वैज्ञानिकों के पूर्वानुमान के अनुसार, 18 मई तक पूरे प्रदेश भर में मौसम पूरी तरह से शुष्क रहने की उम्मीद है, जिसका सीधा मतलब यह है कि आने वाले दिनों में चिलचिलाती धूप और सामान्य से नीचे रहने वाले न्यूनतम तापमान में भी बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है, जिससे फिलहाल गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।
पूरे देश में इन दिनों मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं, जहां एक तरफ मानसून ने अपने सामान्य समय से थोड़ा पहले अंडमान सागर और निकोबार द्वीप समूह के कई हिस्सों में दस्तक दे दी है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत भीषण लू (हिटवेव) की चपेट में झुलस रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में आगे बढ़ चुका है, जिसके प्रभाव से केरल और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में मानसून-पूर्व बारिश शुरू हो गई है।
उम्मीद जताई जा रही है कि यह अपने तय समय से करीब पांच दिन आगे चलते हुए 26 मई तक केरल के तट पर पहुंच जाएगा। इसके विपरीत, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में सूरज की तपिश ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है, जहां पूरे सप्ताह ऐसी ही स्थिति बने रहने की आशंका है। उत्तर प्रदेश के बांदा में पारा सबसे अधिक 46.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है, जिसने गर्मी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
मैदानी में झुलसाने वाली गर्मी और पहाड़ों पर चढ़ता पारे का ग्राफ
पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के मैदानी इलाकों में सुबह 10 बजे के बाद से ही भीषण लू के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो चुका है। हरियाणा के सिरसा में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि रोहतक, नारनौल, हिसार और पंजाब के बठिंडा, पटियाला व लुधियाना में भी पारा 41 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। राहत की बात यह है कि पहाड़ों पर भी बढ़ रही इस गर्मी के बीच हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मौसम बदलने के आसार हैं, जहां मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जैसे इलाकों में अंधड़ और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।




