हरेला पर्व 2026: उत्तराखंड वन विभाग के लाइव डैशबोर्ड पर दिखी महाअभियान की धमक

देहरादून। उत्तराखंड के पारंपरिक लोक पर्व ‘हरेला’ के पावन अवसर पर पूरे राज्य में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक नया रिकॉर्ड बनाया गया है। प्रदेश में एक ही दिन के भीतर कुल 13 लाख से अधिक पौधों का रोपण किया गया। इस महाअभियान के तहत राज्य भर के कुल 3804 अलग-अलग स्थानों पर भव्य पौधारोपण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था, जिसमें पिथौरागढ़ जिला लक्ष्य से दोगुना काम करके पूरे राज्य में पहले पायदान पर रहा।
इस बार रोपे गए सभी पौधों की सुरक्षा और उनकी प्रगति की डिजिटल निगरानी के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। वन विभाग ने जिन भी स्थानों पर पौधों को लगाया है, वहां शत-प्रतिशत जियो टैगिंग की गई है। इस अत्याधुनिक तकनीक के उपयोग से भविष्य में भी यह आसानी से देखा जा सकेगा कि राज्य में किस जगह पर कौन सी प्रजाति का पौधा लगाया गया है।
अभियान के तहत पौधों के चयन में फलदार प्रजातियों को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कुल रोपे गए पौधों में 24.3 प्रतिशत पौधे फलदार प्रजाति के हैं। इसके अतिरिक्त 21.7 प्रतिशत चारा प्रजाति, 19.02 प्रतिशत प्रकाष्ठ प्रजाति, 15 प्रतिशत औषधीय प्रजाति और लगभग 17.3 प्रतिशत अन्य स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं।
वन विभाग ने शुरुआत में हरेला पर्व के अवसर पर 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा था। हालांकि, जनता और सामाजिक संगठनों की मजबूत भागीदारी के कारण कुल 13,01,613 पौधे रोपे गए। वन विभाग ने इस पूरे अभियान की लाइव अपडेट्स देने के लिए अपनी वेबसाइट पर एक विशेष डैशबोर्ड भी तैयार किया था, जहां जिलों से रीयल-टाइम डेटा अपडेट किया जा रहा था। मुख्य वन संरक्षक आईटी राहुल ने बताया कि यह अभियान अब आने वाले एक महीने तक निरंतर जारी रहेगा।
जिलों का प्रदर्शन: लक्ष्य बनाम असल आंकड़े
नीचे दी गई तालिका से स्पष्ट है कि राज्य के अधिकांश जिलों ने अपने निर्धारित लक्ष्य से काफी अधिक पौधारोपण कर इस अभियान को सफल बनाया है-
| जिला | निर्धारित लक्ष्य (पौधे) | वास्तव में रोपे गए पौधे |
| पिथौरागढ़ (नंबर-1) | 1,25,785 | 2,48,728 |
| नैनीताल | 1,33,017 | 1,47,376 |
| देहरादून | 96,235 | 1,12,321 |
| उत्तरकाशी | 70,040 | 1,02,771 |
| पौड़ी गढ़वाल | 92,161 | 1,00,360 |
| यूएस नगर | 1,15,000 | 1,32,150 |
| चमोली | 85,000 | 90,610 |
| अल्मोड़ा | 78,203 | 87,138 |
| चंपावत | 74,200 | 74,660 |
| टिहरी गढ़वाल | 65,706 | 73,117 |
| बागेश्वर | 60,000 | 62,860 |
| हरिद्वार | 31,200 | 38,666 |
| रुद्रप्रयाग | 30,251 | 30,856 |




