उत्तराखंड

उत्तराखंड पुलिस थानों को उड़ाने की धमकी का पर्दाफाश, डिजिटल फुटप्रिंट से दबोचा आरोपी

देहरादून। उत्तराखंड के सभी पुलिस थानों को सोशल मीडिया के जरिए बम से उड़ाने की सनसनीखेज धमकी देने वाले आरोपी जसप्रीत सिंह को दून पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने इंस्टाग्राम, ट्विटर और फेसबुक पर राज्य के थानों में विस्फोट करने की धमकी भरी पोस्ट डालकर दहशत फैलाई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपी को दबोचा और उसके पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है।

इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि 21 जून को एक अज्ञात व्यक्ति ने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उत्तराखंड के सभी पुलिस थानों को बम से उड़ाने की धमकी भरी पोस्ट डाली थी। इससे आम लोगों में डर का माहौल बन गया था और पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के सामने भी गंभीर चुनौती खड़ी हो गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर जांच के लिए विशेष टीम बनाई गई थी।

क्या है पूरा मामला और कैसे हुई गिरफ्तारी

जांच टीम ने सोशल मीडिया अकाउंट्स के डिजिटल फुटप्रिंट, साइबर विश्लेषण और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की गहनता से पड़ताल की। कई दिनों की कड़ी तकनीकी जांच के बाद आखिरकार आरोपी की पहचान सुनिश्चित हुई और उसकी सही लोकेशन का पता चला। इसके बाद पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए 28 जून को आरोपी जसप्रीत सिंह (26 वर्ष) को कोतवाली बाजार सराय, अंबाला से धर दबोचा।

पुलिस की पूछताछ में आरोपी जसप्रीत सिंह ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह चमोली जिले के कर्णप्रयाग क्षेत्र में स्थानीय युवकों और निहंगों के बीच हुए विवाद के बाद हुई पुलिस कार्रवाई से बेहद नाराज था। इसी नाराजगी और आक्रोश में आकर उसने पुलिस को चुनौती देने और लोगों में खौफ पैदा करने के लिए सोशल मीडिया पर इस खतरनाक कदम को अंजाम दिया।

कर्णप्रयाग में निहंगों पर कार्रवाई से था नाराज

आरोपी ने कुबूल किया कि कर्णप्रयाग की घटना से जुड़ी एक सोशल मीडिया रील और पोस्ट देखने के बाद उसके मन में गुस्सा भर गया था। इसी गुस्से में उसने अपनी इंस्टाग्राम आईडी ‘जसप्रीत डेविल’ का इस्तेमाल किया। उसने 21 जून को उत्तराखंड के सभी थानों में बम विस्फोट करने की धमकी भरी टिप्पणी पोस्ट कर दी। उसका मकसद मारपीट करने वाले निहंगों की गिरफ्तारी पर पुलिस को खुली चुनौती देना था।

पकड़े गए आरोपी का मुख्य उद्देश्य सोशल मीडिया के माध्यम से आम जनता के बीच डर और आतंक का माहौल पैदा करना था। वह इस घिनौनी हरकत से सीधे तौर पर उत्तराखंड पुलिस को चुनौती देना चाहता था। लेकिन साइबर सेल और दून पुलिस की सक्रियता के कारण आरोपी का यह मंसूबा नाकाम हो गया और उसके डिजिटल फुटप्रिंट ने उसे सीधे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

साइबर सेल की बड़ी कार्रवाई और चेतावनी

एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि आरोपी की इस हरकत को पुलिस ने बेहद गंभीरता से लिया है। आरोपी के पास से बरामद मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। इस जांच का मकसद यह पता लगाना है कि इस धमकी भरी पोस्ट के पीछे क्या आरोपी अकेले ही शामिल था या इसके पीछे कोई दूसरा व्यक्ति या कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।

पुलिस प्रशासन ने इस बड़ी कार्रवाई के बाद आम जनता से सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की अपील की है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि इंटरनेट पर की जाने वाली हर गतिविधि का डिजिटल रिकॉर्ड हमेशा सुरक्षित रहता है। सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की धमकी, अफवाह या आतंक फैलाने वाली पोस्ट डालना गंभीर कानूनन अपराध है। आधुनिक साइबर तकनीक के जरिए ऐसे उपद्रवियों को तुरंत ट्रैक कर सख्त कानूनी ऐक्शन लिया जाएगा।

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