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मिडिल ईस्ट संकट की मार, देहरादून में गैस एजेंसियों पर लगा सिलेंडरों का भारी बैकलॉग

देहरादून में पिछले करीब दो महीनों से रसोई गैस की भारी किल्लत चल रही है, जिसके कारण घरेलू गैस सिलेंडरों का बैकलॉग लगातार बढ़ता जा रहा है। गैस एजेंसियों पर वर्तमान में छह से सात दिन का बैकलॉग चल रहा है, जिसके चलते उपभोक्ताओं को बुकिंग कराने के बाद भी सिलेंडर मिलने में 10 से 20 दिन तक का लंबा समय लग रहा है।

इस पूरी किल्लत की मुख्य वजह मध्य पूर्व में चल रहा विवाद बताया जा रहा है, जिसने आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है। हालांकि राहत की बात यह है कि कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई फिलहाल सुचारू रूप से चल रही है, लेकिन आम जनता घरेलू गैस की कमी के कारण बेहद परेशान है और उन्हें एजेंसियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के अध्यक्ष चमन लाल के अनुसार, देहरादून में इस समय लगभग 60 गैस एजेंसियां काम कर रही हैं। शहर की बड़ी गैस एजेंसियों को पहले जहाँ हर दो दिन में दो ट्रक सिलेंडरों की सप्लाई मिल जाती थी, वहीं अब हालात यह हैं कि उन्हें एक दिन में केवल एक ही ट्रक मिल पा रहा है।

एक ट्रक में अमूमन 300 घरेलू सिलेंडर आते हैं, जिसका सीधा मतलब यह है कि एजेंसियों को रोजाना लगभग 150 सिलेंडर कम मिल रहे हैं। कुल मिलाकर घरेलू सिलेंडरों की सप्लाई में करीब 25 फीसदी तक की कमी आ चुकी है। इस भारी कटौती के कारण नई बुकिंग करने वाले उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं और पेंडिंग काम का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।

गैस संकट के साथ-साथ देहरादून की जनता पर महंगाई की एक और मार पड़ी है, जहाँ पेट्रोल की कीमतें 97 रुपये के पार पहुँच गई हैं। मध्य पूर्व के विवाद के चलते वैश्विक तेल कंपनियों ने महज चार दिनों के भीतर दूसरी बार ईंधन के दामों में इजाफा किया है। इस नए बदलाव के तहत मंगलवार को पेट्रोल के दामों में 85 पैसे और डीजल में 91 पैसे की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

इस वृद्धि के बाद अब देहरादून में पेट्रोल की नई दर 97.10 रुपये प्रति लीटर और डीजल की दर 92.26 रुपये प्रति लीटर हो गई है। सामान्य तेल के साथ-साथ एक्स्ट्रा प्रीमियम तेल की दरों में भी बढ़ोतरी हुई है, जिसे लेकर पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष मित्तल ने साफ किया है कि तेल की ये कीमतें पूरी तरह से अंतर्राष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करती हैं।

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