
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने सहस्त्रधारा रोड पर अवैध निर्माणों पर सख्ती दिखाई। बिना नक्शा स्वीकृति के बन रहे दो बड़े भवनों को सील कर दिया गया। अधिकारियों ने निरीक्षण में नियम तोड़ने पकड़े और नोटिस के बाद कार्रवाई की।
कैलाशवीर सिंह का गंगा इन्क्लेव और भरत सिंह का कुलहान व्यवसायिक भवन सील हुए। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि अवैध निर्माण शहर की सड़कें, पर्यावरण और आपदा प्रबंधन के लिए खतरा हैं। प्राधिकरण का लक्ष्य दंड नहीं, बल्कि नियोजित विकास है। नियम तोड़ने वालों पर आगे भी अभियान तेज होगा।
निर्माण से पहले लें अनुमति :MDDA सचिव
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने सहस्त्रधारा रोड सीलिंग को पूरी तरह कानूनी बताया। यह संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों पर हुई। प्राधिकरण पहले नोटिस देता है, लेकिन नियम तोड़ने पर कार्रवाई मजबूरी है।
सचिव ने भवन मालिकों-डेवलपर्स से कहा कि निर्माण शुरू करने से पहले एमडीडीए अनुमति जरूर लें। इससे कानूनी झंझट टलेगा और देहरादून-मसूरी का प्लान्ड डेवलपमेंट होगा। कार्रवाई शैलेंद्र सिंह रावत, गौरव तोमर और पुलिस की मौजूदगी में शांतिपूर्ण रही। अवैध निर्माण अभियान जारी रहेगा।



