
मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुजफ्फरनगर स्थित रामपुर तिराहा शहीद स्थल पर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी शहीदों की पुण्य स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर अमर बलिदानियों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके सपनों के अनुरूप सशक्त राज्य के निर्माण के संकल्प को दोहराया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि राज्य आंदोलन में शहीद हुए जिन आंदोलनकारियों की प्रतिमाएं अब तक स्थापित नहीं हो पाई हैं, उन्हें उनके पैतृक गांव या निवास क्षेत्र में उपयुक्त स्थान पर स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही रामपुर तिराहा स्थित राज्य अतिथि गृह का उच्चीकरण किया जाएगा और स्मारक परिसर की लाइब्रेरी को आधुनिक ई-लाइब्रेरी के रूप में विकसित किया जाएगा।
संग्रहालय के विस्तार की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उसमें उत्तराखंड के पारंपरिक वाद्य यंत्रों, वेशभूषा और लोक संस्कृति से जुड़ी सामग्री को भी प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य आंदोलनकारियों के पुनः चिन्हीकरण की प्रक्रिया को शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा ताकि हर पात्र व्यक्ति को इसका लाभ मिल सके।
देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों की भांति ही राज्य आंदोलन के बलिदानियों की स्मृतियों को भी भावी पीढ़ियों के लिए पूरी तरह संरक्षित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने 01 और 02 अक्टूबर 1994 की उस काली रात का स्मरण किया, जब शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली जा रहे आंदोलनकारियों के साथ रामपुर तिराहा में अत्यंत पीड़ादायक घटना घटी थी।
खटीमा, मसूरी, रामपुर तिराहा और श्रीनगर के यंत्र टापू सहित विभिन्न स्थानों पर आंदोलनकारियों ने लंबे संघर्ष के बाद अपना बलिदान दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी अमर बलिदानियों के ऐतिहासिक त्याग और संघर्ष के परिणामस्वरूप ही आज उत्तराखंड एक पृथक राज्य के रूप में अस्तित्व में आया है।
राज्य सरकार आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के सम्मान तथा हितों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। सरकार द्वारा राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को राजकीय सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है, जिसके तहत पात्र आश्रितों को नियुक्ति पत्र भी बांटे गए हैं।
आश्रित प्रमाण पत्रों के निर्गमन की प्रक्रिया को आसान बनाते हुए इन्हें अब तहसील स्तर पर ही जारी करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, आंदोलनकारियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद’ का गठन किया गया है, जो लगातार सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
राज्य के प्रमुख पर्वों और विभिन्न जनपदीय कार्यक्रमों में आंदोलनकारियों को विशेष रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया जा रहा है। साथ ही, उन्हें राज्य परिवहन निगम की बसों में पूरी तरह निःशुल्क आवागमन की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।
प्रदेश की प्रमुख सड़कों और विद्यालयों का नामकरण भी शहीद राज्य आंदोलनकारियों के नाम पर करने के आधिकारिक आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। इसके साथ ही रामपुर तिराहा, खटीमा, देहरादून और मसूरी स्थित शहीद स्थलों के पुनर्निर्माण और विस्तारीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने रामपुर तिराहा में शहीदों की प्रतिमाओं की स्थापना के कार्य का औपचारिक शिलान्यास भी किया और इसके लिए 27 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की है। उन्होंने शहीद स्मारक के लिए अपनी बेशकीमती भूमि दान करने वाले स्व. पंडित महावीर शर्मा के योगदान को नमन करते हुए उनकी प्रतिमा भी परिसर में स्थापित किए जाने की घोषणा की।
इस गरिमामयी कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, विधान परिषद सदस्य वंदना वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुधीर सैनी सहित बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।




