
चंपावत जिले के बाराकोट ब्लॉक की ग्राम सभा चुयरानी के धरगड़ा तोक में दहशत का पर्याय बने आदमखोर गुलदार को जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार के निर्देश पर वन विभाग की टीम ने बीती रात लगभग 2 बजे ट्रेंकुलाइज कर सफलता पूर्वक पकड़ कर पिंजरे में कैद कर लिया है । गुलदार के पकड़े जाने के बाद क्षेत्र में राहत का माहौल है तथा स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।एसडीओ फॉरेस्ट सुनील कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि वन विभाग की टीम द्वारा लगातार निगरानी, गश्त एवं सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। टीम के प्रयासों के परिणामस्वरूप आदमखोर गुलदार को सुरक्षित तरीके से काबू में कर लिया गया। 09 दिसंबर को ग्राम सभा चुयरानी के धरगड़ा तोक में गुलदार ने अचानक हमला कर देव सिंह अधिकारी को घर के पास मौत के घाट उतार दिया था। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय एवं असुरक्षा का वातावरण बन गया था अभिभावकों के द्वारा बच्चों को स्कूल भेजने तक मना कर दिया था। अभियान मे जिला पंचायत सदस्य योगेश जोशी के नेतृत्व में युवाओं ने वन विभाग के टीम को अपना अमूल्य सहयोग दिया।
क्या अब भी खुला घूम रहा आदमखोर ?
एसडीओ फॉरेस्ट ने बताया कि गुलदार के पकड़े जाने के उपरांत क्षेत्र अब सुरक्षित है। एहतियातन वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए है। हालांकि कई ग्रामीण इसे आदमखोर मानने से इनकार कर रहे हैं भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश बोहरा व ग्राम प्रधान दीपक सिंह ने कहा का कहना है यह वह आदमखोर गुलदार नहीं है जिसने एक व्यक्ति को मौत के घाट उतारा है। उन्होंने कहा आदमखोर गुलदार कल घटनास्थल के पास आया हुआ था जिसके पंजे के निशान मौजूद है।उन्होंने वन विभाग से आदमखोर को पकड़ने की मांग की है। उन्होंने कहा क्षेत्र में गुलदार का खतरा अभी भी बना हुआ है वन विभाग वास्तविक आदमखोर गुलदार को पकड़े। मामले में ढिलाई न बरते अब यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि वन विभाग के द्वारा पकड़ा गया गुलदार आदमखोर है या नहीं।




