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25 सालों से अनसुनी फरियाद पर होगा काम, पैसा भी बचेगा और वक्त भी

दो गांवों की दूरी इस वक्त 70किलोमीटर है, लेकिन सब कुछ ठीक रहा तो दोनो गांवों के बीच की दूरी सिर्फ पांच किलोमीटर रह जाएगी। जी हां, यकीन मानिए, ये कोई चमत्कार नहीं बल्कि उत्तराखंड सरकार का मजबूत इरादा होगा।
दरअसल ये बात हम इसलिए कह रहे हैे कि धामी सरकार ने उत्तरकाशी जिले में गंगा घाटी और यमुना घाटी के दो गांवों की पुकार सुनी और सड़क के लिए मंजूरी दी है।

जबकि पिछले पच्चीस सालों से ये पुकार अनसुनी थी. राज्य में आज से पहले जो भी सरकार बनी सबने बणगाव और कसलाना गांव की पुकार को अनसुना ही किया। लेकिन अब धामी सरकार में यमुना घाटी और गंगा घाटी के ये गांव जल्द ही सड़क की सहूलियत से गुलजार हो उठेंगे।
आपको बता दें कि मौजूदा वक्त में अगर उत्तरकाशी जिले के पुरोला क्षेत्र से गंगाघाटी के बणगांव,बनचौरा, चिन्यालीसौड़ जाना होता है तो उन्हे राड़ीटॉप, ब्रह्मखाल होते हुए जाना पड़ता है। जो कि तकरीबन सत्तर किलोमीटर का सफर है ।
लेकिन अब सूबे की धामी सरकार ने बणगाव चोपड़ा- कसलाना सड़क मार्ग को मंजूरी दे दी है। उम्मीद है कि जल्द ही सड़क बनकर तैयार हो जाएगी और ग्रामीणों का पिछले पच्चीस सालों का सपना पूरा हो जाएगा। सबसे बड़ी बात तो ये है कि दोनों गांवों की दूरी 70 किलोमीटर से सिमटकर सिर्फ पांच किलोमीटर रह जाएगी। इससे जहां अवाम का पैसा बचेगा वहीं वक्त भी बचेगा।
बस जरूरत है सड़क निर्माण के काम को जल्द से गुणवत्ता के साथ शुरू करवाने का ताकि इलाके की चार पट्टियों के पचास हजार से ज्यादा की आबादी का सालों पुराना ख्वाब सच होकर जमीन पर उतर सके।

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