
उत्तराखंड के चंपावत जिला स्थित लोहाघाट में आज एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। दरअसल, लोहाघाट डिपो की रोडवेज बस लोहाघाट से काशीपुर के लिए रवाना हुई ही थी कि बस अड्डे से मात्र 10 मीटर की दूरी तय करते ही बस के ब्रेक अचानक फेल हो गए। वहीं बस चालक नंदन सिंह फर्त्याल ने अपनी सूझ बूझ व हिम्म्त का परिचय देते हुए बस को डिपो परिसर की रेलिंग से टकराकर सामने बनी दीवार पर टकरा दिया। गनीमत यह रही कि उस समय हर समय भीड़-भाड़ स लबरेज रहने वाले राष्ट्रीय राजमार्म पर राहगिरों की संख्यां कम थी अन्यथा एक बड़ा और जानलेवा हादसा घटित हो सकता था।
घटना के बाद बस चालक नंदन सिंह फर्त्याल ने बताया कि उनके द्वारा वर्कशॉप में बस की जांच भी करवाई गई थी लेकिन जांच पूरी होने के बाद जैसे ही वह बस को स्टार्ट कर काशीपुर की ओर निकलने लगे तो बस का प्रेशर अचानक लीक हो गया और बस के ब्रेक फेल हो गए । उन्होंने बताया कि बस में सवारियां पूरी तरह भरी हुईं थी, वहीं अचानक हुए हादसे से सवारियो में हड़कंप मच गया। वहीं इस हादसे के दौरान बस राजमार्ग में तिरछी खड़ी हो गई जिस कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बाधित हो गया । पुलिस कर्मियों के द्वारा रोडवेज बस अड्डे के अंदर से वाहनों का संचालन किसी तरह सुचारू करवाया गया और यात्रियों को दूसरी बस में गंतव्य की ओर रवाना किया गया। घटना को लेकर क्षेत्रीय लोगों में काफी नाराजगी है।

11 खटारा बसों के भरोसे परिवहन
वहीं उक्त घटना के बाद स्थानीय लोगों ने अपनी नाराजगि प्रकट करते हुए कहा कि लोहाघाट डिपो को वर्तमान में 15 से 20 नई बसों की सख्त जरूरत है, मगर सरकार द्वारा मात्र 2 ही बसें लोहाघाट डिपो को दी गई हैं। डिपो में सेवाएं दे रही 33 बसों के बेडे़ में से 11 बसों का निर्धारित कार्यकाल पहले ही समाप्त हो चुका है बावजूद इसके लोहाघाट प्रबंधन द्वारा इन्ही खटारा बसों को रोजाना दौड़ाया जा रहा है। स्थानिय लोगों ने कहा कि प्रबंधन द्वारा खटारी बसों को सड़कों में दौड़ा कर यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। लोगों ने बताया कुछ दिन पूर्व भी लोहाघाट से देहरादून जा रही रोडवेज बस में देहरादून में आग लग गई थी, लिहाजा चालक-परिचालक समेत यात्रियों ने किसी तरह बस से कूद कर अपनी जान बचाई थी।
आपको बताते चलें कि मौजूदा समय पर लोहाघाट डिपो के हालात बेहद खस्ता हाल चल रहे हैं लिहाजा क्षेत्रीय जनता ने सरकार और रोडवेज प्रबंधन से लोहाघाट डिपो को नई बसे देने व यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ करना बंद करने की मांग की है। वहीं कई बार डिपो के चालक परिचालकों के द्वारा भी बसों में घटिया दर्जे के स्पेयर पार्ट्स लगाने की शिकायत है की गई थी, बावजूद इसके विभाग और प्रबंधन द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है।




