
देहरादून। उत्तराखंड में बिजली व्यवस्था और पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क को सुदृढ़ बनाने के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक की सहायता से 3638 करोड़ रुपये के भारी-भरकम प्रोजेक्ट को औपचारिक रूप से मंजूरी मिल गई है। इस बड़े वित्तीय निवेश के जरिए प्रदेशभर में 10 नए बड़े पावर सब स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण योजना के धरातल पर उतरने से राज्य के विभिन्न जिलों में बिजली की आवाजाही सुचारू होगी और उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज तथा बार-बार होने वाली कटौती से राहत मिलेगी।
प्रमुख सचिव ऊर्जा आर. मीनाक्षी सुंदरम ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इसके तहत विभिन्न उच्च क्षमताओं के अत्याधुनिक सब स्टेशन तैयार किए जाएंगे। इस पूरी योजना के अंतर्गत कुल 10 नए सब स्टेशन बनाए जाने हैं, जिनमें तीन 400 केवी, तीन 220 केवी, तीन 132 केवी और एक 66 केवी क्षमता का सब स्टेशन शामिल है। इन आधुनिक सब स्टेशनों के खड़े होने से उत्तराखंड के संपूर्ण विद्युत वितरण नेटवर्क की क्षमता में अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।
इस व्यापक परियोजना के दायरे में केवल नए सब स्टेशनों का निर्माण ही नहीं आता, बल्कि नई ट्रांसमिशन लाइनों को बिछाना और पुराने व जर्जर सब स्टेशनों की कार्यप्रणाली में सुधार करना भी शामिल है। पिटकुल के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने स्पष्ट किया है कि इस प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन के दौरान स्थानीय स्तर पर नागरिक सुविधाओं का भी सुनियोजित विकास किया जाएगा। इससे न केवल पावर ग्रिड मजबूत होगा बल्कि पूरे क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को एक नई ताकत मिलेगी।
प्रदेश को मिली इस बड़ी वित्तीय सौगात पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरी प्रसन्नता जताई है और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर तथा केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का विशेष आभार व्यक्त किया है। राज्य सरकार का यह स्पष्ट मानना है कि एडीबी पोषित यह प्रोजेक्ट उत्तराखंड के औद्योगिक विकास और घरेलू उपभोक्ताओं दोनों के लिए विद्युत आपूर्ति को पूरी तरह निर्बाध बना देगा। आगामी दिनों में इस प्रोजेक्ट पर युद्धस्तर पर काम शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।






