
उत्तराखंड में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ धामी सरकार का बुलडोजर एक्शन पर अभी जारी है। इस क्रम में ऋषिकेश नगर निगम ने चंद्रेश्वर नगर में एक सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बने दो मंजिला भवन को ध्वस्त कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त भवन तकरीबन 10 साल पुराना था और मार्ग अवरुद्ध का कारण बनता था, लिहाजा इस कारण अक्सर इस इलाके में जाम की स्थिति भी पैदा हो जाती थी। ऋषिकेश के चंद्रेश्वर नगर में नगर निगम ने सरकारी जमीन पर करीब 10 साल पहले अवैध रूप से बने दो मंजिला भवन को जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया। नोटिस जारी करने के बाद की गई इस कार्रवाई से इलाके में यातायात जाम की समस्या से राहत मिली है और चंद्रेश्वर नगर के लिए एक नया वैकल्पिक मार्ग खुल गया है। खासकर चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों व स्थानीय लोगों को अब आसानी से आवागमन होगा। वर्तमान में भवन खाली था, इसलिए कोई हादसा नहीं हुआ। सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट के नेतृत्व में निगम टीम ने शांतिपूर्वक यह बुलडोजर कार्रवाई पूरी की।
ऋषिकेश के चंद्रेश्वर नगर में नगर निगम ने सरकारी जमीन पर करीब 10 साल पहले अवैध रूप से बने दो मंजिला भवन को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। नगर आयुक्त गोपाल राम के आदेश पर 28 जनवरी को जारी नोटिस का कोई जवाब न मिलने के बाद सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट के नेतृत्व में निगम टीम ने बुधवार को यह कार्रवाई की। इस भवन के कारण चंद्रेश्वर नगर का मुख्य मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था, जिससे घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में संकरी गलियों पर हमेशा जाम लगा रहता था। ध्वस्तीकरण से अब चंद्रेश्वर नगर के लिए वैकल्पिक मार्ग खुल गया है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की परेशानी से राहत मिलेगी। खासकर चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को भी काफी सुविधा होगी। भवन खाली था और किसी ने दावा भी नहीं किया, इसलिए कार्रवाई शांतिपूर्ण रही।




