सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे को लेकर भड़का आंदोलन, बजरंग दल ने निकाली शव यात्रा
उत्तराखंड में इन दिनों सरकारी भूमि को अवैध कब्जामुक्त कराने की मुहिम पर तेजी से कार्य किया जा रहा है, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार प्रदेश में किसी भी अवैध अतिक्रमण को शेष नहीं रहने देने को लेकर प्रशासन सख्ती से आदेशों का अनुपालन कर रहा है। मगर फिर भी प्रदेश में अब भी अधिकतर अतिक्रमणित सरकारी भूमि ऐसी हैं जिनके तार या तो किसी रसूखदार हस्ति या फिर राजनेताओं से जुड़ते नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में गोल्डन फॉरेस्ट और सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध कब्जों के खिलाफ बजरंग दल का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। कंधों पर अर्थी, मुंह में राम नाम सत्य और हाथों में बड़े-बड़े बोर्ड लेकर दर्जनों बजरंग दल के कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए तहसील परिसर पहुंचे। जहां बजरंग दल के द्वारा हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार तहसील प्रशासन और कथित संरक्षण देने वाले सफेदपोश नेताओं की प्रतीकात्मक अंत्येष्टि कर पिंडदान भी किया गया।
प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि गोल्डन फॉरेस्ट सहित अन्य सरकारी भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा खुलेआम कब्जा किया जा रहा है, लेकिन लगातार शिकायतों के बावजूद तहसील प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। बजरंग दल का कहना है कि कुछ प्रभावशाली नेताओं के संरक्षण में भू-माफिया सरकारी ज़मीनों पर कब्जा जमाए हुए हैं। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने तहसील प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।




