
राजधानी देहरादून के पछवादून क्षेत्र स्थित कुल्हाल पुलिस चौकी के ठीक सामने बीते कई सालों से लगता आ रहा पीठ बाजार इन दिनों विवादों में घिरा हुआ है। दरअसल, कई सालों से लगता आ रहा यह बाजार ठेकेदारी व्यवस्था के तहत संचालित होत आ रहा है। अब समस्या यह है कि नियमों के मुताबिक तो बाजार लगाने के लिए टेंडर पास होना अनिवार्य होता है, लेकिन दुकानदारों का कहना है कि इस साल सितंबर महिने में ही टेंडर की अवधि समाप्त हो चुकी है। बावजूद इसके बाजार लगातार लगाया जा रहा है, वहीं दुकानदारों का आरोप है कि पीठ बाजार में दुकान लगाने के नाम पर ठेकेदार द्वारा उनसे जबरन एक हजार से बारह सौ रुपये तक वसूले जा रहे हैं और यदि शुल्क न दिया जाए तो दुकानदारों के साथ बदसलूकी की जाती है और कई बार उनका सामान तक उठाकर फेंक दिया जाता है।
मंदे कारोबार के ऊपर ढिली होती जेब
कुल्हाल इलाके के स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि लगातार बढ़ रही सर्दी के कारण उनके सामानों की बिक्री पहले ही कम हो चुकी है, ऊपर से हर हफ्ते इतना भारी भरकम शुल्क देना उनके लिए बेहद मुश्किल होता जा रहा है। मगर बावजूद इसके दुकानदारों पर दबाव बनाकर उनसे पैसे वसूले जा रहे हैं। हालांकि, अब पूरा मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन बताया जा रहा है, क्योंकि ऐसी तनावपूर्ण स्थिति में अनुसार पीठ बाजार का संचालन करना असंभव है। मगर बावजूद इसके लगातार बाजार लगाए जाने को लेकर दुकानदार प्रशासनिक सरंक्षण और मिलीभगत जैसी आशंकाऐं जता रहे हैं, क्योंकि जब उक्त मामले के संदर्भ में जिलाधिकारी विकासनगर से पूछा गया तो उन्होंने जांच और कार्रवाई की बात कही। अब सबसे बड़ा प्रश्न यह उठता है कि जब पूरा मामला न्यायालय में विचाराधीन है तो पीठ बाजार किसके संरक्षण में संचालित हो रहा है। वहीं फिलहाल दुकानदारों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।



