उत्तराखंड के 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह मुस्तैद

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार को राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के 9 जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। मानसून की इस आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने भी कमर कस ली है और दून मेडिकल कॉलेज में एक विशेष क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) तैनात कर दी है।
मंगलवार को देहरादून, गढ़वाल और कुमाऊं के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई। इस झमाझम बरसात से तापमान में भारी गिरावट आई है, जिससे स्थानीय लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली। मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने के आसार हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक पूरे उत्तराखंड में बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहेगा। विभाग ने देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की आशंका जताई है।
मौसम विभाग ने विशेष रूप से चेतावनी दी है कि पर्वतीय जिलों में तेज बारिश के साथ ही हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जैसे मैदानी इलाकों में आकाशीय बिजली गिर सकती है। वैज्ञानिकों ने लोगों से इस दौरान सतर्क रहने की अपील की है। राज्य में आगामी 11 जुलाई तक लगातार बरसात की संभावना जताई गई है।
भारी बारिश और आपदा के खतरों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। सबसे बड़े दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में किसी भी हादसे के घायलों और पीड़ितों को तुरंत इलाज देने के लिए क्यूआरटी का गठन किया गया है।
अस्पताल की प्राचार्या डॉ. गीता जैन ने एमएस डॉ. आरएस बिष्ट के नेतृत्व में 12 सदस्यीय विशेष टीम तैयार की है। यह टीम इतनी मुस्तैद रहेगी कि आपदा की सूचना मिलने के महज 15 मिनट के भीतर आपातकालीन मोर्चा संभाल लेगी।
इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. अजय आर्य ने राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों को अपने यहाँ ऐसी ही क्यूआरटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। सभी टीमों के बीच रियल-टाइम तालमेल और त्वरित सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक विशेष व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया है।



