
आगामी मानसून सीजन को देखते हुए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्ट्रेट में आयोजित ‘समाधान दिवस’ कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग को जिले के ११ प्रमुख पुलों की मरम्मत का कार्य मानसून शुरू होने से पहले अनिवार्य रूप से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने साफ कहा कि स्वीकृत बजट के तहत संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा कार्य और नदियों का चैनलाइजेशन प्राथमिकता के आधार पर वक्त रहते पूरा किया जाए। इस जनसुनवाई कार्यक्रम में जिलाधिकारी के समक्ष कुल 194 शिकायतें आईं, जिनके त्वरित निस्तारण के लिए उन्होंने विभिन्न संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी।
इस बैठक में बुनियादी ढांचे के साथ-साथ स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया। डीएम ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मधुमेह, हृदयरोग, किडनी रोग, कैंसर और अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों की सूची बनाकर उनके लिए विशेष चिकित्सा शिविर लगाए जाएं।
साथ ही, सड़क संपर्क से वंचित ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को समय पर प्रसव-पूर्व स्वास्थ्य सेवाएं व अस्पताल पहुंचाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने को कहा गया। महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उन्होंने शहरों और कस्बों में ‘डार्क स्पॉट’ चिह्नित कर वहां प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा, बैठक में अवैध डंपिंग जोनों की सूची फोटो सहित पेश करने, अवैध कब्जों की जांच करने और राजेश्वर नगर में जल निकासी की समस्या जैसी गंभीर शिकायतों पर उपजिलाधिकारियों व संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार तत्काल कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं।




