
देहरादून। उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी के 2364 पदों पर होने वाली भर्ती प्रक्रिया लटक गई है। शासन स्तर से इस भर्ती को लेकर आधिकारिक आपत्ति दर्ज कराई गई है, जिसके चलते पूरी चयन प्रक्रिया फिलहाल ठप हो गई है।
शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों के अनुसार, शासन द्वारा जताई गई आपत्ति का जल्द से जल्द प्रशासनिक निराकरण कर लिया जाएगा। निदेशालय स्तर पर इस गतिरोध को दूर करने और भर्ती प्रक्रिया को दोबारा शुरू कराने के प्रयास तेजी से किए जा रहे हैं।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भारी कमी के कारण दैनिक शैक्षणिक व्यवस्था और साफ-सफाई के काम प्रभावित हो रहे हैं। हालत यह है कि कई परिसरों में शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को खुद ही स्वच्छता और रखरखाव संबंधी काम संभालने पड़ रहे हैं।
इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने पहले आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से भर्तियां करने का निर्णय लिया था और एजेंसी का चयन भी हो गया था, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने स्कूलों के प्रधानाचार्यों को अपने स्तर से जल्द नियुक्ति करने के सख्त निर्देश दिए थे।
तमाम निर्देशों के बावजूद अब शासन की ओर से लगाई गई इस नई आपत्ति ने 2364 पदों पर भर्ती की राह में रोड़ा अटका दिया है। इस फैसले से एक ओर जहां स्कूलों में व्यवस्थाएं सुधरने का इंतजार बढ़ गया है, वहीं नौकरी की आस लगाए युवाओं की चिंताएं भी गहरा गई हैं।






