
उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को सुगम और दुर्घटना रहित बनाने के लिए परिवहन विभाग ने ऋषिकेश और उसके आसपास के राष्ट्रीय राजमार्गों का गहन निरीक्षण किया है। 20 से 28 फरवरी तक चले इस संयुक्त अभियान के दौरान टीम ने कुल 39 ‘ब्लैक स्पॉट’ (अत्यधिक दुर्घटना वाले क्षेत्र) की पहचान की है। विभाग ने इन स्थानों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर आरटीओ प्रशासन देहरादून को भेज दी है। इस रिपोर्ट में सड़कों की स्थिति सुधारने और महत्वपूर्ण स्थानों पर रोड साइनबोर्ड (चेतावनी बोर्ड) लगाने की तत्काल आवश्यकता बताई गई है, ताकि यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
प्रमुख क्षेत्रों में दुर्घटनाओं के मुख्य कारण
निरीक्षण के दौरान अलग-अलग चौकों पर दुर्घटनाओं के विशिष्ट कारण सामने आए हैं। नेपाली फार्म जंक्शन पर सड़कों के किनारे बसों की अनधिकृत पार्किंग और लोगों द्वारा अचानक सड़क पार करना मुख्य समस्या पाई गई। वहीं, रायवाला चौक पर वाहनों का अत्यधिक दबाव, अवैध कट और सड़कों पर खराब मार्किंग को हादसों की वजह बताया गया है।
ओवरस्पीड और अंधेरा बनी बड़ी चुनौती
जांच रिपोर्ट में छिद्दरवाला चौक और लाल तप्पड़ जैसे क्षेत्रों में हादसों का कारण वाहनों की तेज़ रफ्तार और रात के समय सड़कों पर छाया अंधेरा बताया गया है। इसके अलावा, रोड संकेतों (Signages) की कमी भी एक बड़ा मुद्दा है। माजरी क्षेत्र में सड़क पर बढ़ते अतिक्रमण और ओवरस्पीडिंग को दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है, जबकि भानियावाला फ्लाईओवर के नीचे सुरक्षा की दृष्टि से ‘राइट टर्न’ बंद करने की सलाह दी गई है।
सुधार के लिए उठाए जा रहे कदम
परिवहन विभाग, एनएचएआई (NHAI) और लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) की संयुक्त टीम ने सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए कई सुझाव दिए हैं। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि यात्रा सीजन शुरू होने से पहले इन सभी ब्लैक स्पॉट्स पर रोड साइनबोर्ड लगाने, स्ट्रीट लाइट दुरुस्त करने और सड़क की स्थिति सुधारने का कार्य प्राथमिकता पर किया जाना चाहिए।




