उत्तराखंड

नकली और अवैध विदेशी कॉस्मेटिक्स पर सरकार का चाबुक, ‘कॉस्मेटिक्स रूल्स 2020’ के तहत होगी कार्रवाई

नेशनल न्यूज। केंद्र सरकार ने भारतीय बाजार में बिना वैध आयात पंजीकरण के बेचे जा रहे विदेशी सौंदर्य प्रसाधनों को लेकर देशव्यापी अलर्ट जारी किया है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे देश में ऐसे उत्पादों की बिक्री और आयात पर तुरंत प्रभाव से कड़ी निगरानी रखने के सख्त निर्देश दिए हैं।

सीडीएससीओ ने सभी राज्यों के औषधि नियंत्रकों और देश के प्रमुख बंदरगाह अधिकारियों को बिना वैध आयात पंजीकरण वाले विदेशी कॉस्मेटिक्स की पहचान करने के आदेश दिए हैं। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे ऐसे गैर-कानूनी ब्यूटी प्रोडक्ट्स के अवैध आयात और बाजार में बिक्री पर तुरंत रोक लगाएं।

सरकार का यह सख्त आदेश भारत में आयात होने वाले सभी प्रमुख विदेशी सौंदर्य प्रसाधनों पर लागू होगा। इनमें मुख्य रूप से फेस क्रीम, मॉइश्चराइजर, फेस वॉश, सीरम, सनस्क्रीन, लिपस्टिक, परफ्यूम, डिओड्रेंट, शैंपू, हेयर कलर, हेयर सीरम और नेल पॉलिश शामिल हैं।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि किसी भी उत्पाद की पैकेजिंग पर केवल ‘इम्पोर्टेड’ लिखा होना उसकी गुणवत्ता या कानूनी मान्यता की गारंटी नहीं है। बिना रजिस्ट्रेशन और जांच के बाजार में बिक रहे ये विदेशी उत्पाद उपभोक्ताओं की त्वचा और सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।

विशेषज्ञों ने आम खरीदारों को सलाह दी है कि वे विदेशी कॉस्मेटिक उत्पाद केवल अधिकृत और भरोसेमंद विक्रेताओं से ही खरीदें। इसके साथ ही सामान खरीदने से पहले उसकी पैकेजिंग पर निर्माता का नाम, आयातक का पता और अन्य जरूरी विवरणों की अच्छी तरह जांच अवश्य कर लें।

कानूनी नियमों के अनुसार, ‘कॉस्मेटिक्स रूल्स 2020’ के तहत किसी भी विदेशी सौंदर्य उत्पाद को भारत में आयात या बिक्री करने से पहले सीडीएससीओ से आयात पंजीकरण प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य है। बिना इस मंजूरी के विदेशी कॉस्मेटिक्स बेचना गैर-कानूनी और दंडनीय अपराध है।

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