
देहरादून। देहरादून में कथित वायरल ऑडियो प्रकरण के सामने आने के बाद उत्तराखंड की सियासत में जबरदस्त हलचल मच गई है। इस गंभीर और संवेदनशील मामले पर अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं हस्तक्षेप करते हुए स्थिति की कमान संभाल ली है।
यह मामला कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक प्रीतम सिंह के भाई एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह तथा राजपाल सिंह से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सीधे पीड़ित परिवार तक अपनी बात पहुंचाई और उनका ढांढस बंधाया।
मुख्यमंत्री धामी ने पीड़ित बालक राम की बेटी दीक्षा से खुद टेलीफोन पर वार्ता की और पूरे घटनाक्रम की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने बातचीत के दौरान पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनकी सुरक्षा और न्याय के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में किसी भी नागरिक को भय या दबाव के माहौल में जीने के लिए मजबूर नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़ी है और उन्हें हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी।
बातचीत के तुरंत बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच करने के सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि पुलिस कानून के अनुसार बिना किसी दबाव के निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई अमल में लाए।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि कथित वायरल ऑडियो सामने आने के बाद से ही राज्य में राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का माहौल बना हुआ था। ऐसे मोड़ पर मुख्यमंत्री द्वारा सीधे पीड़ित पक्ष से संपर्क करना और पुलिस को कड़े निर्देश देना इस मामले को और अधिक महत्वपूर्ण बना देता है।
मुख्यमंत्री के इस कदम से साफ संदेश गया है कि राज्य में प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर एक नागरिक की सुरक्षा, गरिमा और सम्मान की रक्षा करना राज्य सरकार का प्राथमिक दायित्व है।
वर्तमान में कथित वायरल ऑडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना और पुलिस जांच के अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है। इसलिए अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि एसएसपी के नेतृत्व में पुलिस की जांच टीम क्या तथ्य निकालती है और मामले में क्या वैधानिक कदम उठाए जाते हैं।






