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उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन की 13 सूत्रीय मांगें: समान डीए और वेतन भुगतान की मांग को लेकर उग्र आंदोलन

देहरादून। उत्तराखंड में उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर चालकों और परिचालकों के कार्य बहिष्कार के कारण शुक्रवार को पूरे प्रदेश में बस सेवाएं चरमरा गईं। देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, हल्द्वानी और टनकपुर मंडल में बसों का संचालन ठप होने से हजारों यात्रियों को भीषण परेशानी झेलनी पड़ी।

देहरादून आईएसबीटी परिसर में शुक्रवार को सैकड़ों की संख्या में यात्री घंटों तक बसों के इंतजार में खड़े रहे। यूनियन के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने निगम प्रबंधन की बेरुखी के विरोध में आईएसबीटी पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। संगठन का आरोप है कि 13 सूत्रीय मांग पत्र सौंपने के बाद भी निगम प्रबंधन ने वार्ता के लिए समय नहीं दिया और न ही समस्याओं को गंभीरता से लिया। वार्ता न होने से नाराज कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन और उग्र होगा।

यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि शुक्रवार को हुए विरोध प्रदर्शन में करीब 1500 कर्मचारी शामिल हुए और राज्य भर में 50 फीसदी से ज्यादा बसों का संचालन ठप रहा। देहरादून आईएसबीटी परिसर में ही 500 से अधिक सदस्यों ने धरना दिया। यूनियन ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि 30 अक्टूबर तक उनकी मांगों पर सहमति नहीं बनी, तो 30 अक्टूबर की सुबह छह बजे से पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार और चक्का जाम किया जाएगा।

कर्मचारियों का मुख्य आरोप है कि निगम प्रबंधन ने उन्हें पिछले तीन महीनों से वेतन का भुगतान नहीं किया है। इसके साथ ही दिसंबर 2026 तक सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों की ग्रेच्युटी और एनकैशमेंट के भुगतान की मांग उठाई गई है। कर्मचारी राज्य सरकार के कर्मचारियों के समान 60 प्रतिशत डीए की मांग कर रहे हैं, जबकि वर्तमान में उन्हें केवल 55 प्रतिशत डीए ही मिल रहा है। वेतन भुगतान सीधे सरकारी ट्रेजरी से कराने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई है।

इसके अलावा संविदा व विशेष श्रेणी कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने, एजेंसी प्रथा समाप्त करने और आगामी कुंभ मेले से पहले बेड़े में 600 नई बसें खरीदने की मांग की गई है। यूनियन ने ऋषिकेश, हरिद्वार और कोटद्वार मार्गों पर निजी बसों के संचालन पर आपत्ति जताई है। साथ ही 1 दिसंबर से दिल्ली में लागू हो रहे ग्रेप-4 को देखते हुए पर्याप्त संख्या में यूरो-6 बसों की खरीद की मांग की है।

प्रदर्शन के दौरान अध्यक्ष हरेंद्र कुमार, उदयवीर सिंह, कुंवरपाल सिंह, कुलदीप सिंह, परमजीत सिंह, संजीव सिसौदिया और विनय जोशी समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे। उधर, आईएसबीटी पहुंचे यात्रियों को काउंटर से भी बस संचालन की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। दिल्ली, मुजफ्फरनगर, रुड़की और मोहननगर जाने वाले यात्रियों को घंटों भटकना पड़ा और कई यात्रियों को महंगा किराया देकर वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा। वहीं, रोडवेज के महाप्रबंधक क्रांति सिंह ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गई थीं। उन्होंने दावा

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