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चारधाम यात्रा 2026: 1800 बसों का बेड़ा तैयार, अतिरिक्त किराया वसूला तो परमिट तुरंत रद्द..नई गाइडलाइन्स जारी

उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए परिवहन विभाग ने कमर कस ली है। दरअसल, उत्तराखंड परिवहन विभाग द्वारा लागू नियमों के अनुसार अब यात्रा पर संचालित होने वाले हर वाहन के ट्रिप कार्ड पर यात्रियों और चालक की जानकारी के साथ-साथ टूर आपरेटर या वाहन मालिक का नाम, मोबाइल नंबर और लाइसेंस नंबर दर्ज होना अनिवार्य होगा। पहले यह जानकारी उपलब्ध नहीं होने से शिकायत की स्थिति में केवल चालक पर कार्रवाई होती थी और टूर आपरेटर बच निकलते थे, लेकिने नई व्यवस्था से अब आपरेटर की जिम्मेदारी सीधे तय होगी और फर्जीवाड़े पर प्रभावी अंकुश लगेगा।

वहीं चारधाम यात्रा को लेकर नोडल अधिकारी आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी ने संयुक्त रोटेशन से जुड़ी बस कंपनियों, टैक्सी-मैक्सी कैब यूनियन और टेंपो ट्रैवलर एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ दो दिन पहले ऋषिकेश में बैठक की। इस बैठक में तय किया गया कि यात्रियों से तय किराये से अधिक वसूली की गई तो वाहन का परमिट तत्काल निरस्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी। इसके अलावा परिवहन कंपनियों को बसों को दुरुस्त रखने, चालकों को अनिवार्य रुप से वर्दी पहनने और ओवरस्पीड व ओवरलोडिंग करने पर सख्त रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं हर वाहन में डस्टबिन और स्पीड लिमिट डिवाइस अनिवार्य करने के निर्देश भी दिए गए हैं। आरटीओ ने कहा कि यात्रा पर जाने वाली स्टेज कैरिज बसों को यदि दूसरे मार्ग का अस्थायी परमिट चाहिए होगा तो यह सुविधा रात में भी आनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि किसी बस की यात्रा बाधित न हो।

श्रद्धालुओं के लिए 1800 बसों का बेड़ा तैयार

आरटीओ प्रशासन संदीप सैनी के अनुसार, इस वर्ष कुल 1800 बसों का संचालन किया जाएगा, जिनमें से 400 बसें आपात स्थिति के लिए रिजर्व रखी गई हैं। यात्रा के दौरान प्रतिदिन ऋषिकेश से 130 बसें रवाना होंगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हरिद्वार, ऋषिकेश और हरबर्टपुर में विशेष सुविधा केंद्र बनाए जा रहे हैं। यदि किसी वाहन का ग्रीन कार्ड या ट्रिप कार्ड समय पर नहीं बन पाता, तो ऋषिकेश में तत्काल कार्ड जारी करने की व्यवस्था होगी ताकि यात्रियों को देरी न हो।

सबसे महत्वपूर्ण बदलाव केदारनाथ यात्रा के रूट पर किया गया है; अब सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक का सफर केवल 225 मैक्सी कैब शटल सेवाओं के माध्यम से होगा, जिसका किराया 50 रुपये प्रति यात्री निर्धारित किया गया है। निजी वाहनों को सोनप्रयाग में ही पार्क करना होगा। सुरक्षा के लिहाज से इस बार चेकिंग व्यवस्था बेहद सख्त रहेगी। यमुनोत्री, गंगोत्री, बदरीनाथ और केदारनाथ के मुख्य मार्गों पर विभाग के प्रवर्तन दल तैनात रहेंगे, जो सात-सात कर्मचारियों की टीम के साथ हर वाहन के ग्रीन कार्ड, ओवरलोडिंग और चालक की स्थिति की बारीकी से जांच करेंगे। सरकार का मुख्य लक्ष्य अवैध वसूली को रोकना और यात्रियों को एक अनुशासित व सुरक्षित यात्रा अनुभव प्रदान करना है। नियमों के उल्लंघन पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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