
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में मासूम बच्चियों को लावारिस हाल में छोड़कर चले जाने के दो अलग-अलग दिल दहला देने वाले मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं ने समाज की संवेदनहीनता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहला मामला भगत सिंह चौक के पास का है, जहाँ कूड़े के ढेर में लगभग सात दिन की नवजात बच्ची लावारिस पड़ी मिली। वहीं दूसरा मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है, जहाँ पोस्ट ऑफिस के पास करीब एक साल की मासूम बच्ची को कोई छोड़ कर चला गया।
पहला मामला बुधवार देर रात का बताया जा रहा है। भगत सिंह चौक के पास से गुजर रही समाजसेवी वंदना गुप्ता को अचानक कूड़े के ढेर की तरफ से किसी नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर वे तुरंत रुकीं और पास जाकर देखा तो एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में पड़ी हुई थी। उन्होंने तुरंत उस बच्ची को अपनी गोद में उठाकर संभाला और बिना देरी किए स्थानीय पुलिस व चाइल्ड हेल्पलाइन को घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही पुलिस बल और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम तुरंत मौके पर पहुँची। 108 एम्बुलेंस की मदद से करीब सात दिन की इस मासूम नवजात को तुरंत महिला अस्पताल भिजवाया गया। डॉक्टरों की देखरेख में बच्ची का चिकित्सीय परीक्षण और इलाज किया जा रहा है। इसी बीच शहर कोतवाली क्षेत्र में पोस्ट ऑफिस के पास से मिली एक साल की लावारिस बच्ची को भी पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया है।
इन दोनों घटनाओं के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस जांच में जुट गई है। एसपी सिटी दीपक सिंह ने बताया कि पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर किस अमानवीय व्यक्ति ने नवजात बच्ची को कूड़े के ढेर में फेंका और इसके पीछे क्या वजह थी।






